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Bihar News: सड़क हादसे के घायलों को अब 112 पर मिलेगी तुरंत मदद, ₹1.5 लाख तक मुफ्त इलाज

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Alam Ki Khabar: बिहार में सड़क दुर्घटना के घायलों को अब डायल 112 पर कॉल करते ही पुलिस, एंबुलेंस और अस्पताल की तत्काल सुविधा मिलेगी। योजना के तहत ₹1.5 लाख तक मुफ्त इलाज का प्रावधान है।

पटना, 2 अगस्त। आलम की खबर: बिहार में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने आपातकालीन व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। अब सड़क हादसे के बाद पीड़ित या आसपास मौजूद कोई भी व्यक्ति केवल डायल 112 पर कॉल कर पुलिस, एंबुलेंस और अस्पताल की तत्काल सहायता प्राप्त कर सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य हादसे के बाद के सबसे महत्वपूर्ण 'गोल्डन आवर' में मरीज को जल्द से जल्द उपचार उपलब्ध कराकर जान बचाना है।

नई व्यवस्था के तहत इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की सेवाओं से जोड़ा गया है। कॉल मिलते ही कंट्रोल रूम नजदीकी एंबुलेंस, अस्पताल और स्थानीय पुलिस को अलर्ट करेगा ताकि घायल को बिना देरी इलाज मिल सके।

योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। उपचार शुरू कराने के लिए मरीज या उसके परिजनों को पहले कोई राशि जमा नहीं करनी होगी। अस्पताल में भर्ती के बाद पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी।

ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क हादसे के बाद का पहला घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान मरीज को अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू कर दिया जाए तो गंभीर रूप से घायल कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसी सोच के साथ पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों के बीच समन्वित व्यवस्था विकसित की गई है।

जानकारी के अनुसार यह सुविधा इस वर्ष फरवरी से लागू है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण अभी तक बहुत कम लोग इसका लाभ उठा पाए हैं। इसलिए पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत 112 पर सूचना दें।

यह सुविधा केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले पैदल यात्री, साइकिल सवार, बाइक चालक, कार सवार तथा अन्य सभी सड़क उपयोगकर्ता इसका लाभ उठा सकते हैं। सरकारी अस्पतालों के साथ आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में भी पात्र मरीजों का इलाज किया जाएगा।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या अनावश्यक पूछताछ का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने ऐसे गुड सेमेरिटन (Good Samaritan) नागरिकों को सुरक्षा देने की व्यवस्था की है ताकि लोग बिना डर के घायलों की मदद कर सकें।

विशेष टिप्पणी

सड़क दुर्घटना में समय पर इलाज ही सबसे बड़ा जीवन रक्षक साबित होता है। यदि इस व्यवस्था की जानकारी गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाई जाए तो कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। सरकार की योजना तभी सफल होगी जब लोग 112 सेवा के बारे में जागरूक होंगे और हादसा देखकर घायल की मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे।

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